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क्या आप जानते हैं INDIAN RAILWAY से जुड़े ये 50 FACTS

भारत की सबसे तेज ट्रेन : नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस, भारत की सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन है। सभी वातानुकूलित सुपरफास्ट ट्रेनें फरीदाबाद-आगरा सेक्शन के बीच150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती हैं, जबकि दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस दिल्ली से भोपाल के बीच की 704 किमी की दूरी को 89.87 किमी प्रति घंटे की औसत रफ्तार से 7 घंटे 50 मिनट में पूरा करती है।
भारती की सबसे स्लो ट्रेन : मेटूपलायम ऊटी नीलगिरी पैसेंजर ट्रेन 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती है, जो सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन से 15 गुना धीमी है। चूंकि यह ट्रेन पहाड़ी क्षेत्र में चलती है इसलिए इसकी यह गति निर्धारत की गई है। इस ट्रेन की ही तरह प्रतापनगर-जंबूसर पैसेंजर ट्रेन भी है, जिसकी रफ्तार महज 12 किमी प्रति घंटा है।
सबसे लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेन : डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी के बीच 4273 किमी का सफर तय करने वाली विवेक एक्सप्रेस समय और दूरी के लिहाज से भारत की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेन है।
सबसे कम दूरी तय करने वाली ट्रेन : अनुसूचित सेवाओं के लिहाज से नागपुर से अजनी स्टेशन के बीच चलने वाली ट्रेन सबसे कम दूरी तय करने वाली भारतीय ट्रेन है। दरअसल नागपुर स्टेशन से अजनी तक की 3 किमी की दूरी तय करने के लिए यह ट्रेन कर्मचारियों को वर्कशॉप तक पहुंचाने के लिए चलाई जाती है।
बिना रुके सबसे लंबा सफर : त्रिवेंद्रम- हजरत निजामुद्दीन दिल्ली के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस 528 किमी का सफर तय करती है। वडोदरा से कोटा के बीच यह ट्रेन नॉनस्टॉप चलती है। इसके अलावा मुबंई राजधानी एक्सप्रेस भी नई दिल्ली और कोटा के बीच नॉनस्टॉप चलती है।
सबसे लंबा रेलवे स्टेशन का नाम : चेन्नई के नजदीक अराकोनम-रेनीगुंटा सेक्शन के बीच स्थित वेंकटनरसिम्हाराजूवरिपेटा स्टेशन का नाम भारत के सबसे लंबे रेलवे स्टेशन के नाम में शुमार है।
सबसे छोटा रेलवे स्टेशन का नाम : उड़ीसा के झरसूगुडा के नजदीक आईबी और गुजरात के आनंद के नजदीक ओडी स्टेशन भारत के रेलवे स्टेशनों के सबसे छोटे नाम हैं।
सबसे ज्यादा स्टॉपेज पर रुकने वाली ट्रेन : हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस के सबसे ज्यादा 115 स्टॉपेज हैं। इसके अलावा दिल्ली-हावड़ा जनता एक्सप्रेस के109 स्टॉपेज जबकि जम्मूतवी-सियालदह एक्सप्रेस के अपने रूट पर 99 स्टॉपेज हैं।
सबसे अविश्वसनीय ट्रेन : गुवाहाटी-त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस को लंबी दूरी की सबसे अविश्वसनीय ट्रेन बताया जाता है। यह 65 घंटे से लेकर 5 मिनट तक देरी से पहुंचने का कारनामा कर चुकी है और इसका औसत देरी का समय निकाले तो यह 10-12 घंटे तक लेट होती है।
सबसे पावरफुल रेल इंजन : इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव WAG-9 भारतीय रेल में सबसे पावरफुल रेल इंजनों में शुमार है, जो मालगाड़ी में इस्तेमाल होता है। 6350 हॉर्सपावर के इस इंजन का मोडिफाई वर्जन WAP-7 है, यह 24 कोच की पैसेंजर ट्रेन को 140 से 160 कि.मी. की रफ्तार से खींच सकता है।
नॉर्थ-साउथ-ईस्ट-वेस्ट दिशा में आखिरी स्टेशन : नॉर्दर्न रेलवे का आखिरी स्टेशन जम्मू-कश्मीर में बारामुला, वेस्टर्न रेलवे का गुजरात के भुज के नजदीक नलिया, साउदर्न रेलवे का कन्याकुमारी जबकि ईस्टर्न रेलवे का आखिरी स्टेशन तिनसुखिया की ब्रांच लाइन पर लीडो है।
सबसे ज्यादा रूट्स वाला जंक्शन : मथुरा जंक्शन सबसे ज्यादा 7 रूट्स वाला जंक्शन है। इसमें आगरा कैंट के लिए बीजी (ब्रॉड गेज) लाइन, भरतपुर,अलवर और दिल्ली के लिए बीजी लाइन, अछनेरा, वृंदावन, कासगंज और हाथरस के लिए एमजी (मीटर गेज) लाइन है।
सबसे ज्यादा समानांतर ट्रैक वाला रेलवे स्टेशन : मुंबई के बांद्रा टर्मिनल से अंधेरी के बीच 10 कि.मी. की दूरी पर सात समानांतर ट्रैक हैं।
व्यस्ततम स्टेशन : लखनऊ स्टेशन भारत का सबसे व्यस्ततम स्टेशन है। यहां दिनभर में 64 ट्रेनें रुकती हैं।
दुनिया का सबसे लंबा प्लेटफॉर्म : खड़गपुर, पश्चिम बंगाल। लंबाई- 2,733 फीट (1072.5 मीटर)
सबसे पुराना लोकोमोटिव : भारतीय रेलवे के पास सबसे पुराना लोकोमोटिव इंजन द फेयरी क्वीन है। यह 1855 में बना था। यह भाप से चलने वाला सबसे पुराना इंजन है। इसे गिनीज बुक्स ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी जगह मिली है। बर्लिन में अंतरराष्ट्रीय इंटरनेशनल ब्यूरो द्वारा सन 2000 में इसे हेरिटेज अवॉर्ड दिया गया था।
फर्स्ट रेलरोड : पहले रेल रोड को दो भारतीयों जमशेतजी जीजीभोय और जगन्नाथ शंकरसेठ ने बनाया था।
लेबर फोर्स : भारतीय रेलवे दुनिया के 9वें नंबर का सबसे बड़ा कमशियल इम्पलॉयर है। इसके अधीन 14 लाख कर्मचारी काम करते हैं। रेलवे भारत का सबसे बड़ा इम्पलॉयर है।
रेलवे नेटवर्क : रेलवे नेटवर्क के मामले में भारत चौथे स्थान पर है। भारत में कुल 64,000 किलोमीटर तक रेल रोड है। रेलवे नेटवर्क के मामले में क्रमशः अमेरिका, रूस और चीन भारत से आगे हैं।
भाप इंजन : भारत में भाप इंजन का निर्माण 1972 में बंद हो गया।
डिस्टेंस कवर्ड : भारत में 14,300 ट्रेनें रोजाना चलती हैं। जानकर हैरानी होगी कि ये 24 घंटे में धरती से चांद की दूरी का तीसरा हिस्सा तय करती हैं।
शौचालय : भारतीय ट्रेन में टॉयलेट की व्यवस्था फर्स्ट क्लास में 1891 में, जबकि लोअर क्लास में ये सुविधा 1907 में शुरू हुई।
एसी : भारतीय ट्रेन में फर्स्ट क्लास में एसी की व्यवस्था 1874 में शुरू हुई।
सबसे लंबी सुरंग : जम्मू-कश्मीर में स्थित देश की सबसे लंबी सुरंग ‘पीर पंजाल रेलवे टनल’ (लंबाई 11.215 किलोमीटर) है।
अंडरग्राउंड रेलवे : आम लोगों के लिए देश में पहली बार अंडरग्राउंड रेलवे कोलकाता मेट्रो के रूप में शुरू हुई।
कम्प्यूटरीकृत आरक्षण : इसकी व्यवस्था सबसे पहले नई दिल्ली में 1986 में शुरू हुई थी।
इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन : देश की पहली इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन 3 फरवरी 1925 को शुरू हुई, जो बॉम्बे से कुर्ला स्टेशन के बीच दौड़ा करती थी।
पैलेस ऑन व्हील्स (शाही ट्रेन) : हिंदुस्तान में लग्जरी ट्रेन की शुरुआत 1982 में हुई।
सबसे बड़ी रेल दुर्घटना : बिहार में 6 जून 1981 को देश की सबसे बड़ी रेल दुर्घटना हुई थी। इसमें पूरी की पूरी ट्रेन बागमती नदी में समा गई थी। इस घटना में करीब 500 से 800 लोग की मौत हुई थी।
यात्रियों का बोझ : भारतीय रेलवे प्रतिदिन 2.5 करोड़ से अधिक यात्रियों को एक जगह से दूसरे जगह ले जाती है। यह संख्या ऑस्ट्रेलिया,न्यूजीलैंड और तस्मानिया की आबादी से ज्यादा है। अगर वार्षिक आंकड़ों पर गौर करें तो भारतीय रेलवे भारत की वर्तमान जनसंख्या के छह गुने यात्रियों को ढोती है। यह संख्या 7.2 अरब के करीब आती है।
ट्रेनों की कुल संख्या : भारतीय रेलवे प्रतिदिन 19 हजार ट्रेनों का संचालन करती है। इसमें से 12 हजार पैसेंजर ट्रेन और 7 हजार मालवाहक ट्रेन हैं।
स्टेशनों की संख्या : भारतीय रेलवे के पूरे नेटवर्क में 7,083 स्टेशन हैं।
भारतीय रेलवे को शुरू हुए 170 साल हो चुका है।
किराया : हाल के दिनों में बढ़े रेल किराए के बावजूद लंबी दूरी के लिए भारतीय रेलवे की सेवा विश्व में सबसे सस्ती है। उदाहरण के तौर पर दिल्ली-कोलकाता के बीच 1,500 किलोमीटर की दूरी के लिए कालका मेल का सामान्य किराया 250 रुपए है। समान दूरी के लिए यूरोप के किसी भी सामान्य ट्रेन में 10 गुना ज्यादा किराया वसूला जाता है।
ट्रांजिट ट्रेन : मुंबई की लोकल ट्रेन में 15 कोच होते हैं, जबकि शंघाई की लोकल ट्रेन में 12 कोच होते हैं।
छत्रपति शिवाजी टर्मिनल : मुंबई का छत्रपति शिवाजी टर्मिनल प्रतिवर्ष
33 मिलियन यानी 3 करोड़ 30 लाख यात्रियों को ढोता है और विश्व में यह एक मात्र टर्मिनल है जिसे यूनेस्को के ग्लोबल हेरिटेज की सूची में शामिल किया गया है।

 

सबसे पुराना ऑपरेशनल ट्रैक : 1853 में भारत में रेलवे की शुरुआत से इस पर रेल चल रहा है और इस कारण से यह विश्व में सबसे पुराना रेलवे ट्रैक माना जाता है।
सबसे लंबा पुल : वेमबानाद रेल ब्रिज की लंबाई 4.62 किलोमीटर है और यह केरल के इडापल्ली तथा कोच्चि के वैल्लारपदम को जोड़ती है। यह भारत में सबसे लंबा पुल है और सिर्फ मालवाहक के लिए इस्तेमाल होता है।
सी ब्रिज : भारत का पहला सी ब्रिज पाक स्ट्रेट पर बना पामबन ब्रिज एक कैंटीलीवर ब्रिज है। यह रामेश्वरम को पामबन द्वीप (तमिलनाडु) की मुख्य भूमि से जोड़ता है।
रेल सह सड़क पुल : सराईघाट ब्रिज (1,492 मीटर) पहला रेल सह सड़क पुल है और यह असम के गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर बना है। इसे 1963 में पैसेंजर ट्रैफिक के लिए खोला गया था।
मुंबई में दापूरी वियाडक्ट (1854) : ठाणे रूट पर निर्मित यह भारत का पहला रेल पुल है।
सबसे ऊंचा ब्रिज : दुनिया का सबसे ऊंचा ब्रिज, जम्मू-कश्मीर में चेनाब नदी के ऊपर बनाया जा रहा है। दिसंबर 2015 में इसके पूरा होने की उम्मीद है। यह कुतुब मीनार से पांच गुना और 35 मीटर ज्यादा ऊंचा है यानी इसकी ऊंचाई करीब 1,180 फीट है। जम्मू-कश्मीर के कटरा में ही दुनिया का चौथा सबसे ऊंचा अनिजखंड रेलवे ब्रिज बनाया जा रहा है, यह भी 2015 में बनकर तैयार होगा। महाराष्ट्र के रत्नागीरी जिले में पनवेल नदी के ऊपर स्थित रेलवे ब्रिज मौजूदा समय में भारत का सबसे लंबा ब्रिज है।
पहला रेलवे सुरंग : 1865 में बना पर्सिक टनल भारत का पहला रेल टनल है।
प्रॉपर्टी : भारतीय रेल के पास इस समय करीब 10.65 लाख एकड़ जमीन की संपत्ति है। इसमें से करीब 90 हिस्सा रेलवे के विभिन्न कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि अभी भी करीब 1.13 लाख एकड़ जमीन का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
डायनिंग कार : मुंबई-पुणे डेक्कन क्वीन नामक ट्रेन भारतीय रेल की सबसे पुरानी डायनिंग कार रेल है। यह
11:46PM, Nov 30 – +91 98984 51083: वर्तमान समय में भी भारतीय रेल की सेवा में कार्यरत है।

 

आई टिकट : रिजर्वेशन दो तरह का होता है, ई-रिजवेर्शन और आई-रिजर्वेशन। टिकट विंडो पर जाए बिना जो इलेक्ट्रॉनिक टिकट लिया जाता है उसे आई-टिकट कहते हैं। प्री बुक्ड और डाक से मिलने वाले इस तरह के टिकट में आईडी फ्रूफ लेकर साथ चलने की जरूरत नहीं होती है।
ई टिकट : ई-टिकट यानी इलेक्ट्रॉनिक टिकट। इसे इंटरनेट पर बुक किया जाता है ऐसे टिकटों में आईडी प्रूफ साथ लेकर यात्रा करनी पड़ती है। ये टिकट प्रिंट या फिर मोबाइल एसएमएस के जरिए प्राप्त किए जा सकते हैं।
डेमो ट्रेन : इसे डीजल इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट ट्रेन कहा जाता है। साधारण भाषा में कहें तो ऐसी ट्रेन जिसमें डीजल इंजन से इलेक्ट्रिक जेनरेट की जाती है और ट्रेन को जरूरी बिजली की आपूर्ति होती है।
मेमू ट्रेन : मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट ट्रेन. भारत में 1991-92 में रायपुर और दुर्ग के बीच पहली मेमू ट्रेन चलाई गई थी। इसे भारत के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था।

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