Print Friendly
“यदि जीवन में हम सभी सही फैसला लें… तो हम स्वयं भी खुश रहेंगे.., एवं दूसरों को भी खुशियाँ दे सकेंगे।”

“यदि जीवन में हम सभी सही फैसला लें… तो हम स्वयं भी खुश रहेंगे.., एवं दूसरों को भी खुशियाँ दे सकेंगे।”

एक कुम्हार माटी से चिलम बनाने जा रहा था..।
उसने चिलम का आकर दिया..। थोड़ी देर में उसने
चिलम को बिगाड़ दिया..।
माटी ने पुछा : अरे कुम्हार, तुमने चिलम अच्छी
बनाई फिर
बिगाड़ क्यों दिया.?
कुम्हार ने कहा कि : अरी माटी, पहले मैं चिलम
बनाने की सोच रहा था,
किन्तु मेरी मति बदली और अब मैं सुराही या फिर
घड़ा बनाऊंगा,,,।
ये सुनकर माटी बोली-:
रे कुम्हार, तेरी तो मति बदली, मेरी तो जिंदगी
ही बदल गयी..।
चिलम बनती तो स्वयं भी जलती और दूसरों को
भी जलाती,,,
अब सुराही बनूँगी तो स्वयं भी शीतल रहूँगी …
और दूसरों को भी शीतल रखूंगी..।
“यदि जीवन में हम सभी सही फैसला लें…
तो हम स्वयं भी खुश रहेंगे..,
एवं दूसरों को भी खुशियाँ दे सकेंगे।”

Print Friendly

About author

Vijay Gupta
Vijay Gupta1094 posts

State Awardee, Global Winner

You might also like

Motivational Stories1Comments

…..नहीं…पापा नहीं…….. मुझे नहीं चाहिए मोटर साइकिल………

बड़े गुस्से से मैं घर से चला आया …. इतना गुस्सा था की गलती से पापा के जूते पहने गए …. मैं आज बस घर छोड़ दूंगा …. और तभी


Print Friendly
Motivational Stories0 Comments

a moment’s hesitation can stop us from our greatest victory

Hesitation….. Neil Armstrong, he is the 1st person to set his foot in moon. But, do you know who was supposed to be the 1st person? Many don’t know… His


Print Friendly
Motivational Stories0 Comments

समाज में बेटियों की अहमियत भी कुछ इसी प्रकार की है। पूरे घर को रोशन करती झिलमिलाते हीरे की तरह।

ज़रूर पढ़ें और सयानी होती बेटियों को भी पढ़ायें। -> क्यों करता है भारतीय समाज बेटियों की इतनी परवाह… एक संत की कथा में एक बालिका खड़ी हो गई। चेहरे


Print Friendly